Rangeen Kahaniyan Pati Patni Aur Woh Dukaan 20 New Info
मानसी और हर्ष ने अपने रिश्ते की शुरुआत एक फैशन शो में की। मानसी ने हर्ष को देखा और कहा, "आपके आउटफिट का रंग बहुत अच्छा है।" हर्ष ने कहा, "आपके आउटफिट का रंग भी बहुत अच्छा है।" उनकी बातचीत वहीं से शुरू हुई जो आज भी जारी है।
एक शाम, जब दोनों दुकान बंद कर रहे थे, वह बूढ़े बाबूजी आए — असल मालिक जिन्हें वे कुछ साल पहले ही मिले थे — और बोले, "तुम दोनों ने मेरा नाम ही सही जगह पर रखा।" डिनेश ने झूठी नُمाइश में कहा, "नाम ही तो है, बाबूजी — आप ही के नाम से लोग आते हैं।" बाबूजी ने मिट्ठी हँसी और कहा, "नाम तो कुछ भी हो, असल में ये दुकान लोगों को जोड़ रही है — यही सबसे बड़ा भंडार है।" rangeen kahaniyan pati patni aur woh dukaan 20 new
The "Dukaan" (Shop) episodes typically revolve around the following themes: "नाम ही तो है



