Palitana 5 Chaityavandan In Hindi |work| Full
मैं अरिहंत (तीर्थंकर) को नमस्कार करता हूँ, मैं सिद्ध (मुक्त आत्माओं) को नमस्कार करता हूँ, मैं आचार्य को नमस्कार करता हूँ, मैं उपाध्याय को नमस्कार करता हूँ, मैं संसार के समस्त साधुओं को नमस्कार करता हूँ।
शांति जिनेश्वर सोळमा, अचिर सुत वंदो;विश्वसेन कुल नभोमणि, भविजन सुख कंदो।मृग लांछन जिन ओखणुं, लाख वरस प्रमाण;हस्तिनापुर नगरी धणी, प्रभुजी गुण मणिखाण।चालीश धनुषनी देहड़ी, समचोरस संस्थान;वदन पद्म ज्युं चांदलो, दीठे परम कल्याण। palitana 5 chaityavandan in hindi full
यह वंदना पालिताना पर्वत की तलहटी में स्थित "जय तलेटी" शिला पर की जाती है। अचिर सुत वंदो
3. रायण पगला चैत्यवंदन (तीसरा पड़ाव) विश्वसेन कुल नभोमणि
हे अर्हंत परमात्मा, मैं आपके इस पवित्र बिंब (प्रतिमा) में उपस्थित होने की प्रार्थना करता हूँ।